पाकिस्तान का राष्ट्रगान: क़ौमी तराना

उर्दू भाषा में राष्ट्रगान को “क़ौमी तराना” (قومی ترانہ) कहा जाता है। यह पाकिस्तान का राष्ट्रीय गान है और देश की सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस गीत को विख्यात कवि हफ़ीज़ जालंधरी ने लिखा था और इसका संगीत अकबर मुहम्मद ने तैयार किया। क़ौमी तराना को आधिकारिक रूप से १९५४ में पाकिस्तान का राष्ट्रगान घोषित किया गया। इससे पहले, पाकिस्तान के लिए अस्थायी रूप से जगन्नाथ आज़ाद द्वारा लिखित “ऐ सरज़मीन-ए-पाक” को राष्ट्रगान के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।

क़ौमी तराना के शब्द सुंदर और प्रेरणादायक हैं, जो देश के लिए प्रेम, एकता और आस्था की भावना को दर्शाते हैं। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्र के आदर्शों का प्रतीक है।

आज भी पाकिस्तान में राष्ट्रीय अवसरों, विद्यालयों और सरकारी समारोहों पर इस गीत को सम्मान के साथ गाया जाता है। यह न केवल देश की पहचान है,

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