हनुमान जी के पिता कौन थे?
हनुमान जी को भगवान शिव का अवतार माना जाता है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार उनके पृथ्वी पर जन्म के पिता केसरी थे, जो एक महान वानर योद्धा थे। केसरी का संबंध बृहस्पति की संतानों से बताया जाता है। उनकी पत्नी थीं अंजना, जो एक अप्सरा थीं और एक श्राप के कारण वानरी रूप में जन्मी थीं।
एक पुरानी कथा के अनुसार, अंजना और केसरी ने लंबे समय तक पुत्र प्राप्ति के लिए भगवान शिव की तपस्या की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें अपना अंश प्रदान करने का वरदान दिया। इसी कारण हनुमान जी को शिव का अवतार कहा जाता है।
हनुमान जी का जन्म अंजना के गर्भ से हुआ, इसलिए उन्हें कभी-कभी अंजनी पुत्र भी कहा जाता है। उनका बचपन से ही अद्भुत बल और ऊर्जा का संकेत था। जब वे बड़े हुए, तो राम की सेवा में जुड़कर उन्होंने रामायण के महाकाव्य का एक अमर हिस्सा बनाया।
आज भी हनुमान जी की भक्ति और शक्ति का जिक्र घर-घर में होता है। वे न केवल बल क
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