स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए प्राकृतिक रूप से दूध की आपूर्ति बढ़ाने के वास्ते मेथी, सौंफ और अलसी जैसे कुछ विशिष्ट बीज बेहद मददगार साबित हो सकते हैं, जिनमें मौजूद शक्तिशाली गैलेक्टागोग गुण दूध ग्रंथियों को सक्रिय करते हैं। शिशु के जन्म के बाद शुरुआती हफ्तों में कई महिलाओं को पर्याप्त दूध न बनने की चिंता सताती है, जिससे पार पाने के लिए पारंपरिक आहार और सही बीजों का चयन एक अचूक और सुरक्षित आयुर्वेदिक उपाय माना जाता है जो बिना किसी दुष्प्रभाव के मातृ पोषण को भी पुष्ट करता है।

स्तनपान और दूध उत्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े और पोषण संबंधी आंकड़े

चिकित्सकीय अध्ययनों के अनुसार, लगभग सत्तर प्रतिशत नई माताओं को प्रसव के शुरुआती दिनों में दूध की आपूर्ति कम होने की अस्थायी समस्या का सामना करना पड़ता है, जो मुख्य रूप से हॉर्मोनल उतार-चढ़ाव और प्रसवकालीन तनाव के कारण होती है। शिशु के जन्म के तीसरे से पांचवें दिन के बीच प्रोलैक्टिन और ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन का स्तर चरम पर होता है, जो दूध के निर्माण की प्रक्रिया को संचालित करता है। आंकड़ों के मुताबिक, जिन महिलाओं