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भारत का पूर्वी राज्य बिहार अपनी समृद्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विरासत के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। प्राचीन काल से ही पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना), वैशाली और नालंदा जैसे महान केंद्र ज्ञान और सत्ता के प्रमुख गढ़ रहे हैं। समय के साथ-साथ इस राज्य के भौगोलिक और प्रशासनिक स्वरूप में भी बड़े बदलाव आए हैं। जब बात वर्तमान परिदृश्य की आती है, तो आम नागरिकों और शोधार्थियों के मन में यह सवाल अक्सर उठता है कि "बिहार में कुल कितने शहर हैं?"
इस विषय की गहराई में जाने से पहले यह समझना आवश्यक है कि प्रशासनिक और सांख्यिकीय दृष्टिकोण से 'शहर' या 'नगर' की परिभाषा क्या है और बिहार सरकार तथा भारत के जनगणना आयोग द्वारा इन्हें किस प्रकार वर्गीकृत किया जाता है।
प्रशासनिक दृष्टिकोण: शहरी स्थानीय निकाय (ULBs)
बिहार में शहरीकरण और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी शहरी विकास एवं आवास विभाग (Urban Development and Housing Department - UDHD) के पास है। राज्य के प्रशासनिक आँकड़ों के अनुसार, वर्तमान में बिहार में कुल 264 शहरी स्थानीय निकाय (Urban Local Bodies - ULBs) हैं।
नगर निगम (Municipal Corporations):
यह राज्य के सबसे बड़े और विकसित शहरी क्षेत्र होते हैं, जिनकी आबादी आमतौर पर दो लाख या उससे अधिक होती है। वर्तमान में बिहार में कुल 19 नगर निगम कार्यरत हैं, जिनमें पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया, और बेगूसराय जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं। नगर परिषद (Nagar Parishads):
इन्हें मध्यम आकार के शहरी क्षेत्रों या नगर पालिकाओं के रूप में जाना जाता है। वर्तमान समय में बिहार के विभिन्न जिलों के अंतर्गत कुल 90 नगर परिषद अपनी सेवाएँ दे रही हैं। नगर पंचायत (Nagar Panchayats):
यह उन ग्रामीण क्षेत्रों या कस्बों को कहा जाता है जो धीरे-धीरे शहरीकरण की प्रक्रिया में आगे बढ़ रहे हैं यानी ग्रामीण से शहरी क्षेत्र में परिवर्तित हो रहे हैं (संक्रमणकालीन क्षेत्र)। वर्तमान में इनकी कुल संख्या 157 है।
बिहार में शहरीकरण की वर्तमान स्थिति और चुनौतियाँ
ऐतिहासिक रूप से बिहार भारत के सबसे कम शहरीकृत राज्यों में से एक रहा है।
राज्य सरकार द्वारा नए नगर निगमों और नगर परिषदों के गठन से न केवल प्रशासनिक कसावट आई है, बल्कि इन क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं (जैसे पेयजल, पक्की सड़कें, स्ट्रीट लाइट और सीवेज प्रबंधन) का दायरा भी व्यापक हुआ है।
(नोट: इस लेख के अगले भाग में हम बिहार के सभी प्रमुख शहरों, उनके जनसांख्यिकीय आँकड़ों और जिला-वार शहरी वितरण पर विस्तार से चर्चा करेंगे।)
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