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जब भी हम अपने वाहन की टंकी (Fuel Tank) फुल करवाने के लिए पेट्रोल पंप पर जाते हैं, तो जेब पर पड़ने वाला बोझ हमें सोचने पर मजबूर कर देता है कि आखिर ईंधन की कीमतें इतनी ज्यादा क्यों हैं। दुनिया के अधिकांश देशों में पेट्रोल एक महंगी वस्तु बन चुका है, और कई जगहों पर तो इसकी कीमत आसमान छू रही है। लेकिन क्या आपने कभी कल्पना की है कि इस दुनिया में कुछ ऐसे देश भी मौजूद हैं जहां पेट्रोल पानी की बोतल या उससे भी कम कीमत पर यानी महज कुछ रुपयों में मिल जाता है?
1. दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल: लीबिया शीर्ष पर
जब सबसे सस्ते पेट्रोल की बात आती है, तो अधिकांश लोग वेनेजुएला या ईरान का नाम लेते हैं, परंतु वर्तमान वैश्विक आंकड़ों के अनुसार उत्तरी अफ्रीका का देश लीबिया (Libya) इस सूची में पहले स्थान पर है।
कीमत: लीबिया में पेट्रोल की कीमत भारतीय मुद्रा के अनुसार मात्र 2 से 2.50 रुपये प्रति लीटर (लगभग 0.023 अमेरिकी डॉलर) के आसपास है।
वजह: लीबिया के पास प्रचुर मात्रा में तेल के भंडार मौजूद हैं। इसके अलावा, यहाँ की सरकार द्वारा ईंधन पर भारी मात्रा में सब्सिडी दी जाती है और टैक्स न के बराबर या बेहद कम वसूला जाता है।
जमीनी हकीकत: हालांकि लीबिया के पास वेनेजुएला जितना विशाल तेल भंडार नहीं है, फिर भी कम घरेलू खपत, सरकारी नियंत्रण और भारी रियायतों के कारण यहाँ नागरिकों को बेहद सस्ता ईंधन मिलता है। हालाँकि, राजनीतिक अस्थिरता और सीमाओं पर ईंधन की तस्करी जैसी समस्याएं भी इस व्यवस्था के साथ जुड़ी हुई हैं।
2. ईरान और वेनेजुएला: दूसरे और तीसरे पायदान पर
वेनेजुएला और ईरान दुनिया भर में अपने विशाल तेल भंडारों के लिए जाने जाते हैं, और सस्ते पेट्रोल के मामले में ये दोनों देश क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर काबिज हैं।
ईरान (Iran)
कीमत: ईरान में पेट्रोल की कीमत करीब 2.70 से 3 रुपये प्रति लीटर के आसपास है।
कारण: अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों (International Sanctions) और तमाम आर्थिक दबावों के बावजूद ईरान अपने नागरिकों को भारी सब्सिडी पर ईंधन मुहैया कराता है। चूँकि देश में घरेलू तेल शोधन (Refining) क्षमता मजबूत है, इसलिए जनता को अंतरराष्ट्रीय बाजार की उठापटक का सीधा असर नहीं झेलना पड़ता।
वेनेजुएला (Venezuela)
कीमत: वेनेजुएला में पेट्रोल लगभग 3 से 3.50 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिलता है।
कारण: वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चा तेल भंडार है। ऐतिहासिक रूप से यहाँ पेट्रोल लगभग मुफ्त या पानी से भी सस्ता बिकता रहा है। हालांकि, आर्थिक संकट और रिफाइनरी सेक्टर में कुप्रबंधन के कारण यहाँ सरकार ने अब सब्सिडी की एक निश्चित सीमा (कोटा) तय कर दी है, जिसके बाद अतिरिक्त ईंधन बाजार भाव पर खरीदना पड़ता है।
3. तेल भंडार बनाम पेट्रोल की कीमतें: एक पेचीदा समीकरण
आम आदमी के मन में यह सवाल आना स्वाभाविक है कि जिस देश के पास जितना अधिक तेल होगा, वहाँ पेट्रोल उतना ही सस्ता होना चाहिए। परंतु अर्थशास्त्र का नियम इससे थोड़ा अलग है। किसी भी देश में पेट्रोल की अंतिम खुदरा कीमत (Retail Price) केवल इस बात पर निर्भर नहीं करती कि वहाँ कितना तेल निकलता है, बल्कि इसके पीछे कई अन्य महत्वपूर्ण कारक काम करते हैं:
सरकारी सब्सिडी (Government Subsidies): लीबिया, ईरान और कुवैत जैसे देश अपनी अर्थव्यवस्था और नागरिकों को राहत देने के लिए बजट से भारी सब्सिडी देते हैं, जिससे कीमतें जमीन पर आ जाती हैं।
कर और उत्पाद शुल्क (Taxes and Duties): भारत या यूरोपीय देशों की बात करें तो वहाँ सरकारों के लिए ईंधन राजस्व (Revenue) का एक बड़ा स्रोत है। पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले केंद्र और राज्य स्तर के टैक्स इसकी कीमत को कई गुना बढ़ा देते हैं, जबकि सस्ते पेट्रोल वाले देशों में टैक्स या तो न्यूनतम होते हैं या बिल्कुल नहीं होते।
शोधन और बुनियादी ढांचा (Refining Infrastructure): कच्चे तेल को इस्तेमाल करने योग्य पेट्रोल में बदलने के लिए रिफाइनरियों की जरूरत होती है। जिन देशों के पास खुद का मजबूत रिफाइनिंग नेटवर्क होता है, उन्हें आयात पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
(नोट: इस लेख के अगले भाग में हम जानेंगे कि मध्य-पूर्व और अन्य देशों में ईंधन की क्या स्थिति है, और दुनिया के सबसे महंगे पेट्रोल वाले देशों (जैसे हांगकांग या नीदरलैंड) में कीमतें इतनी अधिक क्यों हैं।)
लीबिया, ईरान और वेनेजुएला में ईंधन के दाम और निष्कर्ष
शीर्ष सस्ते ईंधन वाले देश और उनकी कीमतें
वैश्विक बाजार के आंकड़ों के अनुसार, लीबिया वर्तमान में दुनिया में सबसे सस्ता पेट्रोल बेचने वाला देश है। यहाँ एक लीटर पेट्रोल की कीमत मात्र भारतीय मुद्रा के अनुसार लगभग 2 से 3 रुपये के आसपास (लगभग 0.023 अमेरिकी डॉलर प्रति लीटर) है। इसके बाद दूसरे स्थान पर ईरान आता है, जहाँ भारी सरकारी सब्सिडी के कारण पेट्रोल की कीमत लगभग 2.70 रुपये प्रति लीटर तक पड़ती है।
तीसरे स्थान पर वेनेजुएला है, जिसके पास दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल भंडार होने के बावजूद आर्थिक संकट और कुप्रबंधन के चलते वहाँ पेट्रोल की कीमत करीब 3 से 3.50 रुपये प्रति लीटर दर्ज की जाती है। इसके अलावा अंगोला, कुवैत और अल्जीरिया जैसे अन्य देश भी अपनी विशाल तेल संपदा और घरेलू रिफाइनरियों के बल पर बहुत कम दामों पर नागरिकों को ईंधन उपलब्ध कराते हैं।
इन कीमतों के पीछे की वास्तविकता और चुनौतियाँ
भले ही इन देशों में पेट्रोल पानी से भी सस्ता बिकता हो, लेकिन इसके अपने आर्थिक पहलू और खतरे भी हैं:
राजकोषीय घाटा: भारी सब्सिडी के कारण सरकारों पर वित्तीय बोझ लगातार बढ़ता रहता है।
ब्लैक मार्केटिंग और तस्करी: पड़ोसी देशों के साथ भारी मूल्य अंतर होने के कारण ईंधन की तस्करी एक बड़ी समस्या बन जाती है।
संसाधनों का दुरुपयोग: अत्यधिक सस्ते ईंधन से ऊर्जा की खपत बेहिसाब बढ़ जाती है, जो पर्यावरण और दीर्घकालिक स्थिरता के लिए नुकसानदायक है।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहें तो, किसी भी देश में पेट्रोल का सस्ता होना केवल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि वहाँ कितना तेल का भंडार है, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि वहाँ की सरकार अपनी जनता को कितनी आर्थिक छूट दे रही है। लीबिया, ईरान और वेनेजुएला जैसे देश इस फेहरिस्त में सबसे आगे जरूर हैं, परंतु वैश्विक उथल-पुथल और घरेलू आर्थिक सुधारों के चलते इन कीमतों में बदलाव भी लगातार होते रहते हैं।
क्या आप जानना चाहते हैं कि दुनिया में सबसे महंगा पेट्रोल किस देश में बिकता है?
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