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क्रिकेट प्रेमियों के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है। हर साल गर्मियों के मौसम में होने वाला यह टी20 टूर्नामेंट पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचता है। रोमांच, ग्लैमर, चौके-छक्कों की बरसात और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का एक ही मंच पर दिखना इस लीग को सबसे अलग बनाता है। हालांकि, आज के समय में हर कोई इसे आईपीएल (IPL) के रूप में जानता है, लेकिन इसके गठन, नामकरण और शुरुआती दौर को लेकर कई ऐसी बातें हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या आईपीएल का कोई पुराना नाम था या इसकी शुरुआत किस रूप में हुई थी?
क्या वाकई आईपीएल का कोई पुराना नाम था?
सबसे पहले यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आधुनिक इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) का आधिकारिक और मूल नाम कभी बदला नहीं गया है। जब साल 2007 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा इस लीग की औपचारिक नींव रखी गई थी, तब से इसका नाम 'इंडियन प्रीमियर लीग' ही तय किया गया था।
तथापि, इस लीग के अस्तित्व में आने से पहले और इसके कॉन्सेप्ट को तैयार करने के दौरान क्रिकेट के प्रशासनिक गलियारों में कुछ ऐसी प्रतियोगिताएं या विचार जरूर आए थे, जिन्हें लोग अक्सर आईपीएल का पुराना रूप या नाम समझ लेते हैं। उदाहरण के लिए, 1990 के दशक के उत्तरार्ध में और बाद के वर्षों में निजी स्तर पर इस तरह की लीग शुरू करने के कई प्रयास हुए थे। इसके अलावा, जब भारतीय क्रिकेट में अनधिकृत रूप से 'इंडियन क्रिकेट लीग' (ICL) आई थी, तो कई लोग भ्रमित हो जाते हैं कि शायद वही आईपीएल का पुराना नाम थी। लेकिन ऐतिहासिक रूप से ICL और BCCI की IPL दोनों बिल्कुल अलग और स्वतंत्र संस्थाएं थीं, जिनका आपस में कोई सीधा संबंध नहीं था, बल्कि ICL के बाद ही बीसीसीआई ने अपनी आधिकारिक टी20 लीग लाने का फैसला तेजी से किया था।
आईपीएल की परिकल्पना और पृष्ठभूमि
आईपीएल जैसी बड़ी टी20 लीग का विचार रातों-रात नहीं आया था। इसके पीछे लंबी योजना और वैश्विक खेल बाजार का अध्ययन शामिल था। साल 2007 में जब भारतीय टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पहला टी20 विश्व कप जीता, तो भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में क्रिकेट का यह छोटा प्रारूप बेहद लोकप्रिय हो गया।
इससे पहले, साल 1990 के दशक में ही खेल आयोजकों ने भारत में फ्रेंचाइजी आधारित पेशेवर खेल लीग शुरू करने के कई सपने देखे थे। साल 2007 के सितंबर महीने में बीसीसीआई ने आधिकारिक तौर पर एक ऐसी टी20 लीग लाने की घोषणा की, जो देश के घरेलू क्रिकेट ढांचे को पूरी तरह बदलकर रख देगी। इसे शुरू करने में प्रमुख योगदान प्रशासक ललित मोदी का था, जिन्होंने अमेरिकी खेल लीगों (जैसे NBA और NFL) की तर्ज पर भारत में भी फ्रेंचाइजी मॉडल पर आधारित एक भव्य टूर्नामेंट का खाका तैयार किया था।
पहला सीजन और वह ऐतिहासिक शुरुआत
बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) द्वारा रूपरेखा तैयार किए जाने के बाद, साल 2008 में आईपीएल का पहला आधिकारिक सीजन खेला गया। 18 अप्रैल 2008 को इसका पहला मुकाबला खेला गया, जिसने पूरी दुनिया के क्रिकेट इतिहास में एक नए युग की शुरुआत की।
शुरुआती दौर में इस लीग में कुल 8 फ्रेंचाइजी टीमों ने हिस्सा लिया था, जिनमें मुंबई, चेन्नई, बैंगलोर, कोलकाता, दिल्ली, हैदराबाद, पंजाब और राजस्थान की टीमें शामिल थीं। पहले ही सीजन में शेन वॉर्न की कप्तानी वाली राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया था। इस प्रकार, बिना किसी पुराने नाम के सीधे 'इंडियन प्रीमियर लीग' के रूप में उतरी यह प्रतियोगिता अपने पहले ही साल से ग्लोबल ब्रांड बन गई।
(लेख जारी रहेगा... अगले भाग में हम जानेंगे कि कैसे आईपीएल ने समय के साथ अपने स्वरूप में बदलाव किए और इसके वित्तीय सफर ने दुनिया को कैसे प्रभावित किया।)
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