भारत में दैनिक मजदूरी: राज्यों के अनुसार अंतर और जीवन स्तर

भारत में श्रमिकों की दैनिक मजदूरी विभिन्न राज्यों और कार्य कुशलता के आधार पर तय होती है। किसी मजदूर की आय मुख्य रूप से इस बात पर निर्भर करती है कि वह अकुशल (Unskilled) श्रेणी में आता है या अतिकुशल (Highly Skilled) श्रेणी में। राज्यों की आर्थिक स्थिति और जीवन-यापन की लागत के हिसाब से यह दरें काफी भिन्न होती हैं।

उदाहरण के तौर पर, कर्नाटक में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी लगभग 262 रुपये से शुरू होती है, जबकि अतिकुशल मजदूरों को अधिकतम 607 रुपये तक मिलते हैं। वहीं केरल में स्थिति थोड़ी अलग है, जहाँ अकुशल श्रमिकों को 287 रुपये से 510 रुपये तक दिए जाते हैं और अतिकुशल श्रेणी के लिए यह राशि 284 रुपये से 556 रुपये के बीच रहती है। मध्य भारत के राज्य मध्य प्रदेश में अकुशल श्रमिकों को 283 रुपये और अतिकुशल मजदूरों को 419 रुपये तक की दैनिक मजदूरी का प्रावधान देखने को मिलता है।

समय-समय पर राज्य सरकारें महंगाई और श्रम लागत के आधार पर इन न्यूनतम मजदूरी दरों में संशोधन करती रहती हैं। कुशल श्रम की माँग और स्थानीय आजीविका का खर्च भी दैनिक मजदूरी को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय