रूस में धर्म: एक नजर

रूस दुनिया का सबसे बड़ा देश है, और यहाँ की संस्कृति और इतिहास बेहद विविधतापूर्ण हैं। जब बात यहाँ के प्रमुख धर्म की आती है, तो रूढ़िवादी ईसाई धर्म (Russian Orthodoxy) का नाम सबसे पहले आता है। यह आज देश का सबसे बड़ा धार्मिक संप्रदाय है, जिसके अनुयायी कुल आबादी के आधे से भी अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।

रूस का धार्मिक इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 20वीं शताब्दी के अधिकांश समय में सोवियत संघ के दौरान संगठित धर्म पर कड़े प्रतिबंध थे और अधिकारियों द्वारा उसका दमन किया गया था। इस दौर का असर आज भी यहाँ की जनसांख्यिकी पर देखा जा सकता है।

ऐतिहासिक और राजनीतिक बदलावों के बावजूद, रूस में आज भी एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो किसी भी धर्म को नहीं मानता। आँकड़ों के मुताबिक, गैर-धार्मिक लोग आज भी देश की कुल जनसंख्या के एक-चौथाई से अधिक का हिस्सा हैं। इसके अलावा, इस्लाम और अन्य धर्मों के मानने वाले भी यहाँ महत्वपूर्ण संख्या में रहते हैं, जो रूस के बहुसांस्कृतिक ताने-बाने को मजबूत करते हैं।

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