डिलीवरी का समय नजदीक आने के मुख्य संकेत

गर्भावस्था के आखिरी हफ्तों में हर महिला के मन में यह सवाल उठता है कि उनकी डिलीवरी कब होगी। हालांकि डॉक्टर एक संभावित तारीख (EDD) देते हैं, लेकिन शरीर खुद कुछ ऐसे प्राकृतिक संकेत देने लगता है जिससे पता चलता है कि शिशु के जन्म का समय बेहद करीब आ गया है।

म्यूकस प्लग का निकलना: प्रसव का समय पास आने पर गर्भाशय ग्रीवा (cervix) खुलने लगती है। इस दौरान हर बार पेशाब करते समय म्यूकस प्लग का कुछ हिस्सा बाहर निकल सकता है। यह गाढ़ा, गुलाबी या हल्के खून के धब्बों जैसा हो सकता है, जो इस बात का इशारा है कि शरीर डिलीवरी के लिए तैयार हो रहा है।

तेज और नियमित संकुचन (Contractions): लेबर पेन की सबसे बड़ी पहचान संकुचन है। शुरुआत में यह दर्द हल्का हो सकता है, लेकिन समय के साथ यह बार-बार, तेज और नियमित होने लगता है। यदि आराम करने या पोजीशन बदलने पर भी यह दर्द कम न हो, तो समझें कि यह वास्तविक प्रसव पीड़ा है।

पीठ और पेट में असहनीय दर्द: प्रसव का समय करीब आने पर पीठ के निचले हिस्से में तेज ऐंठन और दर्द शुरू हो जाता है। यह दर्द धीरे-धीरे बढ़कर पेट और पैरों की मांसपेशियों तक फैलने लगता है, जो गर्भाशय के सिकुड़ने के कारण होता है।

पानी की थैली का फटना (Water Breaking): जब शिशु के चारों ओर मौजूद एम्नियोटिक फ्लूइड की थैली फट जाती है, तो अचानक योनि से पानी का रिसाव होने लगता है। यह डिलीवरी का सबसे पक्का और अंतिम संकेत माना जाता है।

यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो बिना देरी किए तुरंत अपने डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करना चाहिए।

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