सोयाबीन से तेल का उत्पादन और बाजार में इसकी मांग
भारतीय खाद्य तेल बाजार में सोयाबीन तेल की खपत और लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 100 किलो सोयाबीन के प्रसंस्करण (processing) से वास्तव में कितना तेल प्राप्त होता है? यदि हम बाजार और उत्पादन के आंकड़ों पर नजर डालें, तो 100 किलो सोयाबीन से लगभग 18 से 20 किलो तक शुद्ध तेल निकलता है, जबकि बाकी बचा हुआ लगभग 80 किलो हिस्सा 'सोया खली' (Soybean Meal) के रूप में बचता है, जिसका उपयोग पशु आहार में होता है।
यदि प्रसंस्करण के दौरान अन्य लागतों और उच्च गुणवत्ता की बात करें, तो कभी-कभी कुल उत्पादन लागत काफी ऊंची बैठती है। इसी वजह से अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोयाबीन तेल की तुलना में पामोलिन तेल (Pamolein Oil) एक सस्ता विकल्प बनकर उभरता है। ऊंची लागत होने के कारण सोयाबीन कई बार पामोलिन के मुकाबले कीमत की रेस में पिछड़ जाता है।
इसके बावजूद, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के बीच हल्के और सुपाच्य तेलों की मांग हमेशा अधिक रहती है। पामोलिन की तुलना में हल्का होने के कारण रसोइयों और खाद्य उद्योग में सोयाबीन की मांग का जोर हमेशा बना रहता है। यही कारण है कि कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऊंची उत्पादन लागत के बावजूद सोयाबीन तेल भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।
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