100 डिग्री पर क्या होता है?
जब हम 100 डिग्री सेल्सियस की बात करते हैं, तो सबसे पहले दिमाग में पानी का उबलना आता है। सामान्य वायुमंडलीय दबाव पर पानी ठीक 100 डिग्री सेल्सियस पर उबलना शुरू हो जाता है। इस तापमान पर पानी तरल अवस्था से गैसीय अवस्था में परिवर्तित होने लगता है, यानी भाप बनने लगती है।
सेल्सियस पैमाना, जिसे सेंटीग्रेड पैमाना भी कहा जाता है, तापमान नापने का एक सामान्य तरीका है। इस पैमाने में 0 डिग्री को पानी का जमने का तापमान और 100 डिग्री को उबलने का तापमान माना गया है। ये दोनों बिंदु समुद्र तल पर, यानी सामान्य दबाव में तय किए गए हैं।
हालाँकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अगर आप पहाड़ों पर हों, जहाँ दबाव कम होता है, तो पानी कम तापमान पर ही उबलने लगता है। उदाहरण के लिए, ऊँचे इलाकों में पानी 100 डिग्री से पहले ही उबल सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि 100 डिग्री का महत्व केवल पानी के उबलने का नहीं, बल्कि वातावरण के दबाव और स्थान की ऊँचाई पर भी न
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