धारा 151 के तहत गिरफ्तारी: क्या है 24 घंटे का नियम?

धारा 151 भारतीय दंड संहिता (CRPC) की एक ऐसी धारा है, जिसके तहत पुलिस बिना वारंट के किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकती है, अगर उसे शक हो कि वह कोई अपराध कर सकता है। यह एक रोकथाम उपाय है, न कि सजा। इसका मकसद अपराध होने से पहले ही उसे रोकना होता है।

अक्सर लोग सोचते हैं कि धारा 151 के तहत गिरफ्तारी के बाद लंबी जेल की सजा होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। इसमें अधिकतम 24 घंटे की हिरासत होती है। इस दौरान पुलिस व्यक्ति को सुरक्षित रखती है और अगर खतरा टल जाता है, तो उसे छोड़ दिया जाता है।

इस धारा के तहत गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को जमानत की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि यह कोई आरोप नहीं होता। यह गिरफ्तारी केवल एक सावधानी भर का कदम होता है। अगर पुलिस को लगता है कि व्यक्ति अब खतरे में नहीं है या अपराध करने की नीयत नहीं रखता, तो उसे बिना किसी शर्त के रिहा कर दिया जाता है।

हालांक

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