2022 में मनरेगा मजदूरी की दरें: जानें अलग-अलग राज्यों का हाल

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत अकुशल मजदूरी करने वाले ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटीकृत रोजगार दिया जाता है। केंद्र सरकार द्वारा हर वर्ष जीवन यापन की लागत के आधार पर अलग-अलग राज्यों के लिए मजदूरी की दरें तय की जाती हैं।

वर्ष 2022 में देश के विभिन्न राज्यों के बीच मनरेगा मजदूरी में काफी अंतर देखा गया। उदाहरण के लिए, केरल में श्रमिकों को प्रतिदिन 291.00 रुपये मिलते थे, जो देश में काफी बेहतर दरों में शामिल था। वहीं कर्नाटक में मजदूरी की दर 275.00 रुपये प्रतिदिन थी। दूसरी ओर, महाराष्ट्र में यह दर 238.00 रुपये और झारखंड में केवल 194.00 रुपये प्रति दिन तय की गई थी।

राज्यों में जीवन यापन के खर्च और न्यूनतम वेतन कानूनों के कारण इन दरों में भिन्नता पाई जाती है। मनरेगा के तहत मिलने वाली यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और पलायन को रोकने में मदद मिलती है।

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