फरवरी के 28 दिन क्यों होते हैं?
फरवरी महीने में केवल 28 दिन होने का कारण हमारे साल के गणित और प्रकृति के बीच का एक सुंदर समझौता है। पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर लगाने में लगभग 365 दिन, 5 घंटे और 49 मिनट लेती है। यानी हर साल थोड़ा सा अतिरिक्त समय बच जाता है।
अगर इसे नज़रअंदाज़ कर दें, तो धीरे-धीरे मौसम बदलने लगेंगे — गर्मियों में सर्दी जैसा महसूस होने लगेगा। इसलिए, इन छोटे-छोटे घंटों को जोड़कर चार साल बाद एक अतिरिक्त दिन फरवरी में जोड़ दिया जाता है। इसे लीप ईयर कहते हैं, जब फरवरी में 29 दिन होते हैं।
यह पुराने रोमन कैलेंडर से भी जुड़ा है। शुरुआत में फरवरी साल का आखिरी महीना था, और जब गणना में गड़बड़ी हुई, तो उसी में समायोजन किया गया। बाकी महीनों को 30 या 31 दिन मिले, तो फरवरी को छोटा रखा गया।
तो, फरवरी के 28 दिन सिर्फ एक तिथि नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ समय के संगीत को सुरीला रखने की एक चतुर व्यवस्था है। और चार
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