मृत्यु के बाद नया जन्म: पुराणों की मान्यताएं
हिंदू धर्मग्रंथों और पुराणों के अनुसार, मृत्यु के बाद आत्मा का सफर तुरंत शुरू हो जाता है। मान्यता है कि कुछ आत्माएं मृत्यु के महज तीन दिनों में ही नया शरीर प्राप्त कर लेती हैं। इसीलिए कई संस्कारों में तीसरे दिन 'तीजा' मनाया जाता है, जो आत्मा के नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है।
लेकिन हर आत्मा का सफर एक जैसा नहीं होता। किसी के लिए यह दस दिन लगते हैं, तो किसी को तेरह दिन। इसी कारण 10वां और 13वां दिन भी परिवार द्वारा विशेष पूजा-अनुष्ठान के साथ मनाए जाते हैं। यह संस्कार आत्मा की शांति और नए जीवन में प्रवेश की कामना को व्यक्त करते हैं।
कुछ आत्माओं के लिए यह प्रक्रिया और भी लंबी हो सकती है। शास्त्रों में उल्लेख है कि कुछ आत्माएं लगभग 37 से 40 दिनों (सवा महीने) में नया शरीर धारण करती हैं। इस दौरान परिवार द्वारा श्राद्ध और तर्पण किया जाता है ताकि आत्मा को शांति मिले और उसका संक्रमण सुगम हो।
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