अहिंसा और नैतिक मार्ग

वे ऐसा कोई भी विधि नहीं अपनाना चाहते थे, जिनसे उनकी अंतरआत्मा को ठेस पहुंचे। इसीलिए उन्होंने भारत को आज़ाद करवाने के लिए हिंसा का सहारा ना लेते हुए, अहिंसा का सहारा लिया था।

हमें भी उसी तरह अपने लक्ष्य को पाने के लिए एक नैतिक मार्ग का सहारा लेना चाहिए।

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