पृथ्वी में अमर कौन है?
पृथ्वी पर जीवन की अनंत यात्रा में कोई भी मनुष्य शारीरिक रूप से अमर नहीं है। हर जीव, हर इंसान के जन्म और मृत्यु का एक क्रम है। लेकिन इतिहास और संस्कृति में कुछ ऐसे नाम हैं, जिन्हें कर्मों की अमरता ने अनंत बना दिया।
महात्मा गांधी, भगवान बुद्ध, स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुष आज शारीरिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, संदेश और सेवा की भावना आज भी लाखों लोगों के दिलों में जीवित है। उनके कर्म इतने शक्तिशाली थे कि समय के साथ भी वे धुंधले नहीं हुए।
अमरता तो उन आत्माओं की होती है, जिन्होंने मानवता के लिए जीवन जिया।कालिदास की कविता, तुलसीदास की भक्ति, टैगोर की रचनाएं — ये सब आज भी प्रासंगिक हैं। इसलिए कहा जाता है कि जो इतिहास में अपना स्थान बना लेता है, वह फिज़िकल मौजूदगी से परे होकर भी जीवित रहता है।
विज्ञान कहता है कि डीएनए, ऊर्जा और प्रकृति का चक्र अमर है। लेकिन मनुष्य के मन में जगह बनाना — यही सच्ची
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