मूलांक 8 का महत्व और स्वभाव

अंकशास्त्र में 8 नंबर का विशेष महत्व माना गया है। यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक 8 बनता है। इस अंक का स्वामी शनि देव को माना जाता है, यही कारण है कि इस अंक से जुड़े लोगों के जीवन में अनुशासन, धैर्य और मेहनत का बहुत बड़ा योगदान होता है।

मूलांक 8 के जातकों की सबसे बड़ी खासियत उनका दृढ़ निश्चय होता है। वे जिस भी काम को अपने हाथ में लेते हैं, उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। कठिनाइयां और चुनौतियां उनके रास्ते में आती जरूर हैं, लेकिन वे हार मानने के बजाय लगातार प्रयास करते रहते हैं। ये लोग स्वभाव से बहुत शांत और गंभीर होते हैं।

इन लोगों को जीवन में दिखावा बिल्कुल पसंद नहीं होता। वे अपनी उपलब्धियों का ढिंढोरा पीटने के बजाय चुपचाप अपना काम निपटाना पसंद करते हैं। इसके अलावा, मूलांक 8 वाले लोग बहुत स्वाभिमानी और ईमानदार होते हैं। न तो वे किसी की चापलूसी करते हैं और न ही उन्हें अपने सामने किसी की चापलूसी पसंद आती है।

यद्यपि लोग अक्सर इन्हें थोड़ा रहस्यमयी या कठोर समझ लेते हैं, लेकिन वास्तव में ये लोग न्यायप्रिय और सच्चे होते हैं। जीवन में थोड़ी देर से ही सही, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर ये सफलता की ऊंचाइयों को जरूर हासिल करते हैं।

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