नवदुर्गा के नाम और उनकी महिमा
नवरात्रि में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। प्रत्येक दिन एक अलग स्वरूप की आराधना होती है, जो शक्ति, त्याग और साहस की अनूप मिसाल हैं।
पहले दिन, मां शैलपुत्री की पूजा होती है, जो हिमालय की तपस्विनी बेटी मानी जाती हैं। दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी का रूप धारण कर माँ ज्ञान और तपस्या का संदेश देती हैं।
तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा के रूप में प्रकट होती हैं — उनका ताबूत घंटा अंधकार का संहार करता है। चौथे दिन कूष्माण्डा माता का आह्वान होता है, जो ब्रह्मांड की उत्पत्ति का स्रोत हैं।
पाँचवें दिन स्कंदमाता के रूप में माँ बचपन की ममता का स्वरूप बन जाती हैं, जबकि छठे दिन कात्यायनी के रूप में वे युद्ध में शक्ति और वीरता की देवी हैं।
सातवें दिन माँ कालरात्रि रूप धारण करती हैं — भयानक तो हैं, पर भक्तों की संरक्षिका हैं। आठवें दिन महागौरी के रूप में माँ शुद्धता और शांति की देवी हैं, जो पाप
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