क्या कुरान सच्ची किताब है?

इस सवाल के जवाब में, मुस्लमानों के लिए कुरान वास्तविकता में सच्ची किताब है। वे मानते हैं कि यह अल्लाह के वचन हैं, जो फ़रिश्ते जिब्राइल के जरिए पैगंबर मुहम्मद (स.अ.व.) पर अवतरित हुए। इस्लाम के अनुसार, कुरान अंतिम और पूर्ण दिव्य मार्गदर्शन है।

कुरान को लगभग 1400 साल पहले अरबी भाषा में उतरा माना जाता है, और आज भी इसकी भाषा और संदेश में बदलाव नहीं हुआ है। मुसलमानों का विश्वास है कि यह किताब किसी मनुष्य की रचना नहीं, बल्कि दैवीय उत्पत्ति की है। इसमें जीवन के हर पहलू पर मार्गदर्शन है – आध्यात्मिकता, नैतिकता, कानून, और समाज निर्माण तक।

कुरान की सच्चाई के प्रमाण में मुसलमान इसकी भाषाई सुंदरता, ऐतिहासिक सटीकता, और वैज्ञानिक संकेतों को देखते हैं। वे कहते हैं कि एक अनपढ़ व्यक्ति (पैगंबर मुहम्मद) से इस तरह की किताब आना आश्चर्यजनक है। इसे नबियों की लाई हुई किताबों की श्रृंखला में अंतिम कड़ी माना जाता है।

हालाँकि, हर धर

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय