पहली महिला ओलंपियन: हेलेन डी पौर्टलेस
ओलंपिक खेलों के इतिहास में 1900 का साल काफी अहम माना जाता है। इसी साल पहली बार महिलाओं ने खेलों में हिस्सा लेना शुरू किया। स्विट्ज़रलैंड की हेलेन डी पौर्टलेस ओलंपिक इतिहास में पहली महिला खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने न केवल प्रतिस्पर्धा की, बल्कि स्वर्ण पदक भी जीता।
22 मई, 1900 को पेरिस में आयोजित हुए ओलंपिक खेलों में नौकायन (सेलिंग) की 1 से 2 टन की घटना में हेलेन ने एक टीम का हिस्सा बनकर इतिहास रच दिया। उनकी टीम ने प्रतियोगिता जीत ली, और इस तरह वह दुनिया की पहली महिला ओलंपिक चैंपियन बन गईं।
हेलेन सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक आधुनिक सोच वाली महिला थीं। उनका यह कदम उस दौर में काफी बड़ा था, जब महिलाओं के खेलकूद में भाग लेने पर सवाल उठाए जाते थे। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ खेल जगत में, बल्कि समाज में भी महिलाओं के लिए एक नई राह खोली।
आज जब हम महिलाओं को ओलंपिक में तमाम खेलों में सफलता
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