सोना परखने वाले पत्थर को क्या कहते हैं?
सोना परखने वाले पत्थर को कसौटी या पारस पत्थर कहा जाता है। यह एक ऐसा जादुई पत्थर माना जाता रहा है, जो सच्चे सोने को झूठे से अलग करने में सक्षम है। प्राचीन काल से लेकर आज तक जौहरी इसका इस्तेमाल सोने की शुद्धता जांचने के लिए करते आ रहे हैं।
पारस पत्थर आमतौर पर काले या गहरे भूरे रंग का होता है और इसकी सतह थोड़ी दानेदार होती है। जब कोई जौहरी सोने की चीज़ को इस पत्थर पर घिसता है, तो उस पर एक स्पष्ट रेखा या लकीर बन जाती है। इस लकीर का रंग देखकर वह तुरंत बता देता है कि सोना कितना शुद्ध है। अगर लकीर का रंग चमकीला पीला है, तो सोना अच्छी क्वालिटी का है। अगर रंग फीका या भूरा लगे, तो समझ लें कि मिश्र धातु का अधिक प्रभाव है।
आजकल भले ही डिजिटल तरीके भी उपलब्ध हैं, लेकिन कई पुराने जौहरी आज भी पारस पत्थर को अधिक विश्वसनीय मानते हैं। यह न सिर्फ सोने की शुद्धता बताता है, बल्कि इतिहास की एक छोटी सी याद भी दिल
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।