कबूतर: देवी रति के वाहन का प्रतीक

कबूतर को सिर्फ शांति का प्रतीक ही नहीं माना जाता, बल्कि हिंदू पुराणों के अनुसार यह देवी रति का वाहन भी है। रति को प्रेम और कामदेव की पत्नी के रूप में जाना जाता है, और उनके प्रतीकों में कबूतर एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

कबूतर की कोमलता, सच्ची निष्ठा और जीवनसाथी के प्रति अटूट आस्था उसे प्रेम और समर्पण का आदर्श बनाती है। इसीलिए प्राचीन कथाओं में उन्हें देवी रति के वाहन के रूप में दर्शाया गया। जिस तरह कबूतर अपने जोड़े के प्रति वफादार रहता है, उसी तरह प्रेम की भावना भी एकाग्र और निष्कलंक होनी चाहिए, यही संदेश यह प्रतीक मनुष्यता को देता है।

कबूतर का प्रातःकाल में आवाज सुनाना भी घर में प्रेम और सद्भाव का संकेत माना जाता है।

कई स्थानों पर तो लोग कबूतरों को नियमित रूप से दाना देकर आशीर्वाद प्राप्त करने की मान्यता रखते हैं। प्राचीन मान्यताओं में कबूतर का संबंध सिर्फ धार्मिक चिंतन तक ही सीमित नहीं, बल्कि यह प्रेम, वफादारी

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