पटना: इतिहास और संगीत की धरोहर
पटना, बिहार की राजधानी, सिर्फ एक प्राचीन शहर नहीं है, बल्कि संस्कृति, इतिहास और कला का एक जीता-जागता उदाहरण है। प्राचीन काल में इसे कुसुमपुरा कहा जाता था, फिर यह पुष्पपुरा, पाटलिपुत्र और अजीमाबाद के नाम से भी प्रसिद्ध रहा। यही वह शहर था जहाँ महान मौर्य सम्राट अशोक की राजधानी थी। उनके समय में यह पूरे भारत में सबसे शक्तिशाली और समृद्ध नगरों में गिना जाता था।
लेकिन पटना की पहचान सिर्फ इतिहास तक ही सीमित नहीं है। यह भारतीय शास्त्रीय संगीत की कई महत्वपूर्ण शैलियों का जन्मस्थान भी है। यहाँ के संगीतकारों ने दादरा, कजली, ख्याल और धम्मर जैसी लोकप्रिय शैलियों को जन्म दिया। आज भी यहाँ के त्योहारों, मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इन राग-संगीतों की धुनें सुनाई देती हैं, जो शहर की आत्मा को जीवंत रखती हैं।
पटना न सिर्फ भारत के राजनीतिक इतिहास में बल्कि सांस
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।