बिहार से झारखंड का अलग होना: एक ऐतिहासिक बदलाव

बिहार से अलग होकर झारखं का गठन 15 नवंबर, 2000 को हुआ था। यह कोई साधारण प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि क्षेत्र के लाखों लोगों की संस्कृति, पहचान और विकास की लंबी लड़ाई का परिणाम था।

इतिहास याद करें तो बंगाल प्रेसिडेंसी से बिहार के अलग होने के लगभग 88 साल बाद इस नए राज्य का जन्म हुआ। 1912 में बंगाल से बिहार और ओड़िसा को अलग किया गया था, लेकिन उसके बाद भी झारखंड के आदिवासी, मूल निवासी और युवा लंबे समय तक अपने अधिकारों और विकास के लिए संघर्ष करते रहे।

15 नवंबर, 2000 का दिन इतिहास में दर्ज हो गया, जब भारत सरकार ने झारखंड को भारत का 28वां राज्य घोषित किया। इसके साथ ही बिहार से 18 जिले अलग होकर नए राज्य का हिस्सा बने। रांची झारखंड की राजधानी बनी।

यह विभाजन सिर्फ भूगोल का नहीं, बल्कि लोगों की आकांक्षाओं का भी प्रतीक था। आज झारखंड अपने संसाधनों, संस्कृति और युवा ऊर्जा में आत्मविश्वास के साथ आग

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