पोटाश खाद कब डालें और कैसे?

पोटाश खाद पौधों के स्वस्थ विकास के लिए बहुत ज़रूरी होती है। यह फसलों की जड़ों को मजबूत बनाती है, धान, गन्ना, आलू जैसी फसलों में उपज बढ़ाने में मदद करती है और पौधों की बीमारियों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती है।

पोटाश खाद डालने का सही समय बुआई या रोपाई के दौरान होता है। इसे मिट्टी में पूर्व-उपचार के तौर पर मिला देना चाहिए ताकि पौधे शुरुआत से ही पोषक तत्वों का लाभ उठा सकें।

हल्की या बलुई मिट्टी में पोटाश के तेज़ी से रिसाव की संभावना होती है, ऐसे में एक बार में पूरी खाद डालने के बजाय विभाजित डोज़ में देना बेहतर रहता है। यानी, आधी खाद बुआई के वक्त और बाकी आधी फसल के मध्यावधि चरण में डाल सकते हैं। इससे पोटाश का फायदा अधिक मिलता है और खाद बर्बाद भी नहीं होती।

ध्यान रखें कि पोटाश खाद की मात्रा मिट्टी की प्रकृति और फसल के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए स्थानीय कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेना

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