शीशम की लकड़ी क्यों है महंगी?
शीशम की लकड़ी भारत में लंबे समय से फर्नीचर, दरवाजे, खिड़कियों और सजावटी सामग्री बनाने में पसंद की जाती रही है। लेकिन आजकल यह काफी महंगी हो चुकी है। ऐसा इसलिए नहीं कि बस डिमांड बढ़ गई है, बल्कि इसके पीछे कई अहम वजहें हैं।
सबसे पहली वजह यह है कि शीशम के पेड़ धीरे-धीरे बढ़ते हैं। एक पेड़ को पूरी तरह परिपक्व होने में 15 से 20 साल तक लग जाते हैं। ऐसे में जल्दी कटाव या अवैध कटाई से इसकी आपूर्ति कम हो गई है।
लकड़ी की गुणवत्ता भी एक बड़ी वजह है। शीशम की लकड़ी मजबूत, भारी और टिकाऊ होती है। यह नमी, कीड़ों और गर्मी से भी बची रहती है। इसलिए इसे घरेलू और व्यावसायिक उपयोग दोनों में पसंद किया जाता है।
एक बात यह भी है कि अब जंगलों की कटाई पर सख्त नियम हैं। सरकार ने प्राकृतिक वनों के संरक्षण के लिए कई प्रतिबंध लगाए हैं। इससे कानूनी तौर पर लकड़ी उपलब्ध कराना मुश्किल हो गया है, जिससे कीमतें ऊपर
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