केर की भाषा: मलयालम का समृद्ध इतिहास

केरल में मुख्य रूप से मलयालम भाषा बोली जाती है। यह एक द्रविड़ भाषा है और भारतीय भाषा-परिवार के दक्षिणी शाखा का हिस्सा है। मलयालम न केवल केरल की राज्य भाषा है, बल्कि इसे भारत के संविधान में अनुसूचित भाषा का दर्जा भी प्राप्त है।

मलयालम का उद्गम तमिल से निकटता रखता है, लेकिन समय के साथ यह एक स्वतंत्र भाषा के रूप में विकसित हुई। कुछ विद्वानों का मानना है कि मलयालम प्राचीन तमिल का ही एक रूप था, जो धीरे-धीरे अलग होकर आज के स्वरूप में आया। इसके लिखावट में संस्कृत का भी गहरा प्रभाव दिखता है।

मलयालम की लिपि भी अनूठी है। यह तमिल, संस्कृत और ग्रंथ लिपियों से प्रभावित है। आज लगभग 3.5 करोड़ लोग मलयालम बोलते हैं, जिनमें अधिकांश केरल में निवास करते हैं, लेकिन मध्य पूर्व, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी इसे बोलने वाले समुदाय मौजूद हैं।

मलयालम की साहित्यिक परंपरा बहुत समृद्ध है। 9वीं शताब्दी के

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