भगवान का अपना देश कौन सा है?
भगवान का कोई एक विशेष देश नहीं होता। वह सबके हृदय में बसते हैं, चाहे वह भारत हो, या कोई दूसरा देश। भगवान का घर पूरी दुनिया है। वह धर्म, जाति या राष्ट्रीयता से परे हैं।
लोग अक्सर सोचते हैं कि कुछ भगवान केवल एक खास जगह या देश से जुड़े हैं, जैसे कृष्ण भारत से या ईसा मध्य पूर्व से। लेकिन असल में, भगवान की उपस्थिति सबके लिए समान है। वह उसी तरह एक माँ के प्यार की तरह है – चाहे बच्चा कहीं भी रहे, माँ का प्यार सबके लिए होता है।
हिंदू धर्म में कहा गया है – ईश्वर सर्वत्र, यानी ईश्वर सब जगह है। वह गाँव के मंदिर में भी है, मस्जिद में भी, चर्च में भी, और यहाँ तक कि उस व्यक्ति के हृदय में भी जो उन्हें नहीं मानता।
अगर भगवान कोई देश चुनते, तो वह शायद वह देश होता जहाँ सबसे ज्यादा प्रेम, सहानुभूति और दया हो। क्योंकि भगवान प्रेम हैं। वह नहीं चाहते कि लोग उनके नाम पर बँटें, बल्कि चाहते हैं कि सब एक-दूसरे के साथ म
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