डॉलर इतना महंगा क्यों होता है?
डॉलर का भाव बढ़ने के पीछे कई कारण हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण भारत द्वारा कच्चे तेल की बढ़ती आयात लागत है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 80% हिस्सा कच्चे तेल के जरिए विदेशों से पूरा करता है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बढ़ते हैं, तो भारत को एक बैरल तेल के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं।
उदाहरण के लिए, जून 2022 में एक बैरल कच्चे तेल की कीमत 121 डॉलर से भी ऊपर चल रही थी। इसका सीधा असर रुपये पर पड़ा। तेल खरीदने के लिए भारत को अधिक डॉलर खरीदने पड़े, जिससे डॉलर की मांग बढ़ी और रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ।
इसके अलावा अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी भी डॉलर को मजबूत करती है। जब अमेरिका ब्याज दरें बढ़ाता है, तो विदेशी निवेशक डॉलर में निवेश करना पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें बेहतर रिटर्न मिलता है। इससे डॉलर की मांग और बढ़ जाती है।
इन सभी कारकों से रुपया
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