घड़ी के कांटे और उनकी व्यवस्था का रहस्य
अगर आपने कभी ध्यान दिया हो, तो ज्यादातर घड़ियों में सिर्फ तीन कांटे होते हैं — घंटे, मिनट और सेकंड के लिए। लेकिन क्यों तीन? क्या चार कांटे भी हो सकते हैं? असल में, समय को मापने का स्वाभाविक तरीका सूरज की स्थिति पर आधारित रहा है। प्राचीन काल में धूप घड़ियां और जल घड़ियां समय बताती थीं, जो सूर्य या पानी के प्रवाह पर निर्भर थीं।
जैसे-जैसे यांत्रिक घड़ियां बनीं, उन्हें इन प्राकृतिक प्रणालियों से प्रेरणा लेकर डिज़ाइन किया गया। 12 अंकों वाला घड़ी डायल इसलिए चुना गया क्योंकि प्राचीन बेबीलोनियों और मिस्र के लोग 12 को एक महत्वपूर्ण संख्या मानते थे। उन्होंने दिन को 12 भागों में बांटा था।
और फिर सवाल आता है — 12 ऊपर और 6 नीचे क्यों? इसका जवाब भी सूर्य की गति से जुड़ा है। दोपहर में सूरज सबसे ऊपर होता है, इसलिए 12 ऊपर रखा गया। आधी रात या रात के बीच को नीचे, यानी 6 पर दिखाया जाता है।
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