पंचायती राज के जनक: बलवंत राय मेहता
भारत में ग्रामीण विकास और स्थानीय शासन के इतिहास में बलवंत राय मेहता का नाम सदा से याद किया जाएगा। साल 1957 में गठित बलवंत राय मेहता समिति ने पंचायती राज व्यवस्था को एक नई दिशा दी। इस समिति ने देश में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की सिफारिश की — ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत, ब्लॉक स्तर पर पंचायत समिति, और जिला स्तर पर जिला परिषद।
यह पहली बार था जब स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी से शासन चलाने का व्यापक सुझाव दिया गया। महात्मा गांधी के स्वराज के सपने को साकार करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम था। समिति की सिफारिशों ने गाँवों में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने में मदद की।
आज, जब भी हम पंचायती राज की बात करते हैं, तो बलवंत राय मेहता को इसका जनक माना जाता है। उनकी समिति ने न सिर्फ एक ढाँचा दिया, बल्कि ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में पहला कदम रखा।
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