भारत का सबसे पिछड़ा राज्य: बिहार

भारत में विकास की गति अलग-अलग राज्यों में अलग है। कुछ राज्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, तो कुछ अभी भी पिछड़ापन झेल रहे हैं। इस दौड़ में सबसे पीछे रहने वाला राज्य बिहार है।

आज भी बिहार की लगभग 40% आबादी ग़रीबी रेखा के नीचे जीवन जी रही है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार और बुनियादी ढांचे के मामले में बिहार काफी पीछे है। ग्रामीण इलाकों में बच्चों की पढ़ाई पूरी न हो पाना, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, पुरानी सड़कें और बिजली की अनियमित आपूर्ति यहाँ की आम सच्चाई है।

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार के प्रयासों से कुछ सुधार दिखाई भी दे रहे हैं। लेकिन जनसंख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी और रोज़गार के अवसरों की कमी के कारण यह लंबी दौड़ अभी खत्म नहीं हुई है।

बिहार के पिछड़ेपन को समझने के लिए सिर्फ़ आंकड़े ही नहीं, बल्कि यहाँ के लोगों की दिनचर्या और

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