मनुष्य की सबसे बड़ी कमजोरी क्या है?
हार मान लेना मनुष्य की सबसे बड़ी कमजोरी है। यह बात न सिर्फ थॉमस एडीसन के अनुभवों का सार है, बल्कि हर उस इंसान की पहचान है जिसने जीवन में कुछ बड़ा किया है। एडीसन ने बिजली के बल्ब के लिए हजारों बार प्रयास किए, हर बार असफल हुए, लेकिन कभी यह नहीं सोचा कि अब बस करो। उनका मानना था कि हर असफलता सफलता का एक कदम है।
आज के समय में भी यही सच है। जीवन में रुकावटें आएंगी, लोग आपको रोकने की कोशिश करेंगे, परिस्थितियां नामुनासिब होंगी। लेकिन जो व्यक्ति डटा रहता है, जो हर असफलता के बाद फिर से उठ खड़ा होता है, उसे हार नहीं मानने की शक्ति देती है।
दुख, विपत्ति और नाकामयाबी जीवन के हिस्से हैं। लेकिन इन्हें बाधा न समझकर, उन्हें प्रगति की सीढ़ी बना लेना ही असली साहस है। इतिहास गवाह है कि जिन्होंने कभी हार नहीं मानी, वे कभी पीछे नहीं रहे।
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