भारत के छोटे शहर और गाँव: एक झलक

भारत के गाँव और छोटे बसे हुए स्थान देश की आत्मा हैं। यहाँ के छोटे शहर और ग्रामीण इलाके न सिर्फ संख्या में बहुत अधिक हैं, बल्कि संस्कृति, भाषा और जीवनशैली की विविधता को भी दर्शाते हैं।

2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में कुल 649,481 गाँव थे। 2001 में यह संख्या 638,365 थी। हालांकि, 2019 तक यह संख्या बढ़कर 664,369 हो गई, जो इस बात का सबूत है कि कई नए गाँव आधिकारिक तौर पर पहचाने गए या पुराने गाँवों का विभाजन हुआ।

ये गाँव देश की आर्थिक रीढ़ हैं। यहाँ के छोटे शहर और बस्तियाँ कृषि, पारंपरिक उद्योगों और स्थानीय बाजारों के माध्यम से देश के विकास में योगदान देते हैं। साथ ही, डिजिटल क्रांति और बेहतर परिवहन के कारण ये गाँव धीरे-धीरे आधुनिक जीवन से जुड़ रहे हैं।

हालांकि शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है, फिर भी भारत की बहुमत आबादी अब भी ग्रामीण इलाकों में रहती है। यह संख्या देश की ग्रामीण जड़ो

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय