भारत का पहला डीएम कौन था?
कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आजाद भारत का पहला जिलाधिकारी या डीएम कौन था? हालांकि, इस सवाल का सीधा जवाब देना थोड़ा मुश्किल है, क्योंकि डीएम (जिलाधिकारी) की भूमिका ब्रिटिश काल से ही भारत में मौजूद थी। लेकिन आधुनिक भारत में इस पद को नए ढंग से संगठित किया गया।
1947 में भारत की आजादी के बाद, प्रशासनिक संरचना में कुछ बदलाव आए। उस समय कई अफसरों ने जिलों के प्रशासन की जिम्मेदारी संभाली। ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, श्री जे. एल. स्टबस 1942 में ही कहीं जिलाधिकारी के पद पर नियुक्त हुए थे। उनके बाद डी.पी. हार्डी और रामबाबू सक्सेना जैसे अफसरों ने भी प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाई।
अगस्त 1947 के बाद, जब भारत आजाद हुआ, तो श्री आर.पी. भार्गव जैसे अधिकारी नए भारत के प्रशासन में अहम भूमिका में आए। लेकिन यह कहना कि कौन "पहला" डीएम था, थोड़ा भ्रामक हो सकता है, क्योंकि यह पद तब भी था, जब भारत अभी आजाद
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।