अम्मा की नज़र में सुंदरता का आदर्श
माँ की नज़र में सुंदरता केवल चेहरे या रूप तक सीमित नहीं होती। एक बार जब पूछा गया कि अम्मा को कौन सबसे सुंदर लगती थी, तो जवाब आया—दोनकेसवाली को। यह नाम शायद कई के लिए अजनबी हो, लेकिन अम्मा के लिए यह लड़की सुंदरता की परिभाषा थी।
दोनकेसवाली, जिसका नाम संभवतः उसके गाँव या क्षेत्र से जुड़ा है, अम्मा के दिल में एक खास जगह रखती थी। अम्मा के लिए सुंदरता का मतलब सिर्फ रंग-ढंग नहीं था, बल्कि चरित्र, सादगी और निस्वार्थता थी। वह लड़की जो शायद सादे कपड़ों में, मुस्कुराते चेहरे के साथ अपने काम में लगी रहती होगी, वही उनके लिए सबसे खूबसूरत थी।12 फ़रवरी, 2019 को इस बात का ज़िक्र हुआ था, लेकिन यह बात आज भी उतनी ही सच है। अम्मा की नज़र में सच्ची खूबसूरती बाहर नहीं, भीतर छुपी होती है। वह चमक-दमक से नहीं, बल्कि विनम्रता और कर्म से पहचानी जाती है।
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।