माँ दुर्गा से प्रार्थना कैसे करें – सरल भाव से जुड़ें

माँ दुर्गा से प्रार्थना करने का सबसे सुंदर तरीका है – निष्कपट भाव। आपको मंत्रों का ज्ञान हो या न हो, पूजा विधि पूरी तरह आती हो या न हो, माँ हर बार अपने बच्चे की ओर मुड़ती हैं जब वह सच्चे दिल से उन्हें पुकारता है।

“दासोऽस्मीति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि। आवाहनं न जानामि, न जानामि विसर्जनम्। पूजां चैव न जानामि, क्षम्यतां परमेश्वरि। मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि।”

यह प्रार्थना बहुत प्रसिद्ध है और हजारों भक्तों के लिए सहारा बन चुकी है। इसका अर्थ है – "हे महारानी, मैं आपका दास हूँ, क्षमा करें। मैं आपको बुलाना नहीं जानता, विदा करना नहीं जानता, पूजा विधि नहीं जानता। मंत्र या विधि के बिना, भक्ति के बिना भी, हे देवी, मुझे क्षमा कर देना।"

यह प्रार्थना याद रखें जब भी आपके मन में डर या असुरक्षा हो। एक गहरी सांस लें, मन में माँ का ध्यान करें और इन पंक्तियों को बोलें। भले ही आपको संस्क

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