कैंसर की पहली स्टेज में शरीर में क्या बदलाव आते हैं?

कैंसर की पहली स्टेज वह समय होता है जब बीमारी सिर्फ शुरुआती चरण में होती है। इस दौरान कोई भी व्यक्ति अक्सर इस बात से अनजान रहता है कि उसके शरीर में कुछ गड़बड़ चल रही है। कई बार लोगों को ऐंठन जैसा दर्द महसूस होता है, जिसे वे सामान्य थकान या मांसपेशियों के खिंचाव का नतीजा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

यह दर्द अक्सर इतना हल्का होता है कि इसकी गंभीरता नहीं समझी जाती, लेकिन कुछ मामलों में यह न्यूरोपैथिक दर्द भी हो सकता है। इसका मतलब है कि कैंसर के कारण तंत्रिका तंत्र प्रभावित होने लगता है। ऐसे में मरीज को झनझनाहट, सुन्नपन या टींग-टांग जैसी अजीब संवेदना हो सकती है।

कई बार ये लक्छन इतने धीमे होते हैं कि डॉक्टर के पास जाने का मन नहीं बनता। लेकिन जब कैंसर की बात हो, तो समय रहते पता लगाना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। पहली स्टेज में इलाज शुरू कर देने से ठीक होने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं।

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