कीमो न चलने पर अगला कदम क्या है?
कई बार कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी या विकिरण चिकित्सा का असर नहीं दिखता। ऐसे में रोगी और उसके परिजन अक्सर यह सोचकर परेशान हो जाते हैं कि अब क्या करना चाहिए। लेकिन यह जानना ज़रूरी है कि यदि कीमो काम नहीं करती, तो भी इलाज के विकल्प खत्म नहीं होते।
उपशामक देखभाल (Palliative care) एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकता है। यह उपचार सिर्फ बीमारी को ठीक करने के बजाय रोगी के दर्द, थकान, मतली और भावनात्मक तनाव को कम करने पर ध्यान देता है। इसका उद्देश्य केवल जीवन बचाना नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना होता है।कई लोग सोचते हैं कि उपशामक देखभाल का मतलब है इलाज छोड़ देना, लेकिन ऐसा नहीं है। कई मामलों में रोगी अन्य उपचारों के साथ-साथ उपशामक सहायता भी ले सकते हैं। डॉक्टर लक्षणों को नियंत्रित करने और रोगी को आराम देने के लिए दवाएं दे सकते हैं।
कीमो न चलने के संकेत में ट्यूमर का बढ़ना, लगातार दर्द, भूख न लगन
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