भारत में कैंसर से मौतों का संकट
भारत में हर साल कैंसर के कारण लगभग 7.84 लाख लोगों की मृत्यु होती है। यह आंकड़ा इतना चौंकाने वाला नहीं है जितना कि यह सच है कि दुनिया भर में होने वाली कैंसर से होने वाली कुल मौतों में से लगभग 8% अकेले भारत में होती हैं। यह न केवल एक स्वास्थ्य समस्या है, बल्कि एक राष्ट्रीय चिंता का विषय भी है।
2017 में जर्नल ऑफ ग्लोबल ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, भारत में कैंसर से मरने की दर विकसित देशों की तुलना में लगभग दोगुनी है। इसके पीछे कई कारण हैं – देर से निदान, उपचार तक पहुंच में असमानता, जागरूकता की कमी और गरीबी जैसे सामाजिक कारक।
दिलचस्प बात यह है कि बहुत से मामलों में कैंसर को रोका या समय रहते ठीक किया जा सकता है। लेकिन बहुत से लोग लक्षणों को नजरअंदाज करते हैं या उपचार शुरू करने में देर करते हैं। फेफड़े, मुंह, गर्भाशय ग्रीवा और स्तन कैंसर भारत में सबसे आम हैं।
सरकार और स्वास्थ्य कार
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