भारत की सबसे वीर जाति कौन सी है?
इतिहास में वीरता के अनेक उदाहरण मिलते हैं, लेकिन 'सबसे वीर जाति' की बात करना सही नहीं होगा। वीरता किसी एक जाति तक सीमित नहीं है। कई समुदायों ने अपने शौर्य के लिए इतिहास में छाप छोड़ी है।
राजपूत, भूमिहार, गोरखा, पठान, पंजाबी, कुमायूनी व गढ़वाली सैनिक ऐसे नाम हैं जो हमेशा से लड़ाई के मैदान में आगे रहे। 1857 के गदर में, बंगाल सैनिक दल के कई सैनिक बिहार और उत्तर प्रदेश के राजपूत व भूमिहार जैसे समुदायों से आते थे, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ बगावत में अहम भूमिका निभाई।
दूसरी ओर, कई समुदायों ने उस समय ब्रिटिशों के साथ खड़े होकर अपनी वफादारी दिखाई। पठान, पंजाबी, गोरखा, कुमायूनी और गढ़वाली सैनिक उन दलों में शामिल थे जिन्होंने ब्रिटिश सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। इनकी वीरता और फितरत आज भी भारतीय सेना में सम्मानित है।
वीरता किसी खून की रग में नहीं, बल्कि कर्तव्य की भावना में होती ह
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