चौहान वंश की कुलदेवी: आशापुरा माता

चौहान वंश की कुलदेवी माता आशापुरा हैं, जिनकी श्रद्धा राजस्थान के कई हिस्सों में गहराई से जी जाती है। यह मान्यता राजपूत समाज में विशेष महत्व रखती है। साबला से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित निठाउवा मार्ग पर स्थित आशापुरा माता का मंदिर इसी श्रद्धा का केंद्र है।

यह प्राचीन मंदिर डूंगरपुर के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु अपनी आस्था लेकर आते हैं। माता आशापुरा को आशा और संरक्षण की देवी माना जाता है। विशेष त्योहारों और चंद्र ग्रहण के समय यहां भव्य मेले लगते हैं, जिनमें राजपूत वंशज सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करते हैं।

मान्यता है कि आशापुरा माता चौहान राजाओं की रक्षा करती थीं और उनके युद्धों में सफलता देती थीं। इसलिए इनके प्रति आनुवंशिक भक्ति आज भी जारी है।

मंदिर का वातावरण शांत और पवित्र है। यहां की स्थापत्य शैली और मूर्तियां राजस्थानी संस्कृति की गहराई को

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