राजपूतों के प्रकार: तीन वंश और 36 कुल

राजपूत भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण योद्धा वर्ग के रूप में जाने जाते हैं। इनके समाज में तीन प्रमुख वंशों का स्थान है – सूर्यवंशी, चंद्रवंशी (या सोमवंशी) और अग्निवंशी। यह विभाजन उनकी पौराणिक उत्पत्ति पर आधारित है।

सूर्यवंशी राजपूतों को सूर्य देवता से उत्पन्न माना जाता है। इस वंश में मौर्य, सोलंकी और राठौड़ जैसे प्रमुख कुल आते हैं। चंद्रवंशी चंद्र देवता से जुड़े माने जाते हैं। इनमें प्रतिहार, चौहान और परिहार जैसे कुल शामिल हैं।

तीसरा वंश है अग्निवंशी, जिन्हें अग्नि कुंड से उत्पन्न माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इनका जन्म पृथ्वी के रक्षक के रूप में हुआ था। प्रतापगढ़ के राजा, चौहान और कुछ परमार भी इसी वंश से जुड़े हैं।

इन तीन वंशों में कुल मिलाकर 36 कुलों का स्थान है, जिन्हें '36 राजपूत कुल' कहा जाता है। हालाँकि, इतिहासकारों के मुताबिक, यह संख्या

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