हल्दीघाटी का युद्ध: वीरता की अमर गाथा
21 जून 1576 को राजस्थान के घने जंगलों और पहाड़ियों में एक ऐसा युद्ध हुआ, जिसने भारतीय इतिहास में वीरता और स्वाभिमान की एक अमर कहानी लिख दी। यह था हल्दीघाटी का युद्ध, जहाँ मेवाड़ के वीर राजा महाराणा प्रताप ने मुगल सम्राट अकबर की विशाल सेना का डटकर मुकाबला किया।
अकबर खुद युद्ध के मैदान में नहीं थे, लेकिन उनकी ओर से मान सिंह को सेना की कमान सौंपी गई थी। महाराणा प्रताप ने अपने साहसिक घुड़सवारों के साथ छापामार युद्ध शैली अपनाते हुए मुगलों को कई बार चकमा दिया। चार घंटे तक चले इस क्रूर युद्ध में दोनों ओर से सैकड़ों योद्धाओं ने अपनी जान गंवाई।
हालांकि मुगल फौज संख्या में बहुत अधिक थी, लेकिन महाराणा प्रताप के अदम्य साहस ने सम्राट को भी झकझोर दिय । कहते हैं कि उनका घोड़ा चेतक, जिसने अंत तक उनका साथ नहीं छोड़ा, भी युद्ध की भावना को जीवंत रखता है।
हल्दीघाटी का युद्ध सिर
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