ब्रिटिश काल की विरासत: भारत में क्या छोड़ गए अंग्रेज?

1947 में आजादी मिलने के बाद भी, भारत के कई संस्थान अंग्रेजों के उसी काल की याद दिलाते हैं जो लंबे समय तक इस देश पर हावी रहा। इतिहासकार मानते हैं कि ब्रिटिश शासन ने भारत को कानून के शासन की अवधारणा दी, जो आज भी हमारे लोकतंत्र की नींव है।

पार्लियामेंटी लोकतंत्र, संवैधानिक सरकार की प्रणाली, सिविल सेवा, पुलिस बल, सैन्य ढांचा और न्याय प्रणाली — ये सभी महत्वपूर्ण संस्थान उसी दौर की देन हैं। आज भी भारत के प्रधानमंत्री, राज्यपाल और अधिकारियों के घर या कार्यालयों में ‘राजा का महल’ या ‘राज्यपाल का भवन’ जैसी इमारतें उसी समय की याद दिलाती हैं।

हालांकि, यह भी सच है कि ये संस्थान शुरू में ब्रिटिश हितों के लिए बनाए गए थे, लेकिन स्वतंत्र भारत ने इन्हें अपने लोकतंत्र और गणराज्य की नींव के रूप में ढाला। भारत ने न सिर्फ इन संस्थानों को बरकरार रखा, बल्कि उन्हें जनता के हित में ढाला।

आज भी जब हम संसद में

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