अंग्रेजों की लूट और भारत की वापसी

1765 से 1938 के बीच अंग्रेज हर दशक में भारत से विशालकाय धन लूटकर ले गए। इतिहासकारों और अर्थशास्त्रियों के अनुसार, इस अवधि में भारत से लगभग 45 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति निकाली गई। यह रकम आज के मापदंडों पर भी अविश्वसनीय लगती है। भारत की कच्ची सामग्री, सोना, कपास, मसाले और कृषि उपज पूरे दो शताब्दियों तक ब्रिटेन की औद्योगिक क्रांति की नींव बनी रही—जबकि भारत गरीबी और अकाल के दौर से गुजरता रहा।

लेकिन इतिहास का पहिया घूम चुका है। कुछ दिनों पहले, 9 सितंबर 2022 को, भारत ने ऐतिहासिक मोड़ लिया—वह ब्रिटेन को पीछे छोड़कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लोहे की तरह जमी लाजवाब विरासत के खिलाफ खड़े होने की कहानी है।

आज भारत न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रहा है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है। वो देश, जिसे कभी ‘दुनिया की कारखान

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