महाराणा प्रताप और अकबर: दोस्ती या दुश्मनी?

क्या महाराणा प्रताप और अकबर की दोस्ती हुई थी? ऐसा कहना इतिहास के साथ खिलवाड़ होगा। नहीं, दोनों कभी दोस्त नहीं हुए – बल्कि, इतिहास के पन्नों में तो ये दोनों विपरीत ध्रुव रहे।

सच यह है कि 1573 में जब अकबर ने डूंगरपुर के रावल असकरण को हराया, तो मेवाड़ के चारों ओर मुगल सत्ता का दबदबा था। हालांकि, एक दिलचस्प बात यह है कि अकबर और प्रताप आपस में रिश्तेदार भी थे। अकबर के दादा बाबर और महाराणा प्रताप के दादा राणा सांगा अपने समय में एक दूसरे के करीबी थे। यह संबंध तो था, लेकिन मित्रता नहीं।

महाराणा प्रताप अपनी आज़ादी के लिए जाने जाते हैं, और वो कभी भी अकबर के सामने झुके नहीं। उन्होंने हल्दीघाट के युद्ध में अपनी वीरता के झंडे गाड़े। दूसरी ओर, अकबर एक साम्राज्यवादी सम्राट के तौर पर जाने जाते हैं, जो राजनीतिक एकीकरण चाहता था।

इसलिए, भले ही दोनों परिवारों के बीच पुराने रिश्ते रहे हों, लेकिन इतिहास

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