हत्या के दोषी को क्या सजा होती है?

भारत में किसी आदमी को मारना यानी हत्या करना सबसे गंभीर अपराधों में से एक है। ऐसे मामलों में अदालत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत फैसला सुनाती है। इस धारा के तहत हत्या के दोषी को सजा-ए-मौत या फिर उम्रकैद की सजा दी जा सकती है।

सजा क्या होगी, यह कई बातों पर निर्भर करता है – जैसे अपराध की प्रकृति, सबूतों की मजबूती, आरोपी का पिछला रिकॉर्ड और जज की राय। कुछ मामलों में, जहां हत्या बहुत सनसनीखेज तरीके से होती है, जैसे सामूहिक हत्या या निर्ममता से की गई हत्या, तो अदालत फांसी की सजा दे सकती है। लेकिन ऐसी सजा बहुत कम दी जाती है और उसके बाद भी दोषी द्वारा राष्ट्रपति से क्षमा की याचिका लगाई जा सकती है।

दूसरी ओर, उम्रकैद का मतलब होता है कि दोषी को पूरी जिंदगी जेल में रहना पड़ेगा। हालांकि, कई बार 14 साल बाद रिहा होने की भी संभावना होती है, लेकिन यह मामले की गंभीरता पर निर्भर करता है।

कानून का उद्देश्य स

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