झूठी पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने पर क्या होता है?
जब कभी कोई व्यक्ति झूठी शिकायत दर्ज कराता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर कोई पुलिस अधिकारी जानबूझकर झूठी एफआईआर दर्ज करे, तो उसके भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं?
भारतीय दंड संहिता की धारा 197 के तहत, अगर कोई पुलिस अधिकारी बिना किसी सबूत के या जानबूझकर गलत तथ्यों पर आधारित मामला दर्ज करता है, तो यह धोखाधड़ी और सरकारी अधिकार के दुरुपयोग के तहत आता है। ऐसे मामलों में, उस अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
भारतीय दंड संहिता की धारा 218 के मुताबिक, अगर कोई सरकारी अधिकारी जानबूझकर गलत तथ्य दर्ज करता है या झूठी रिपोर्ट बनाता है, तो उसे अधिकतम 6 साल की सजा या 1000 रुपये का जुर्माना, या फिर दोनों सजाओं का प्रावधान है। यह नियम सिर्फ आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि खुद पुलिसकर्मियों पर भी लागू होता है।
इस तरह के गलत काम से न
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